केबल का आविष्कार एवं खोज किसने किया ?
केबल
बिजली का संचार आज भी तारों (केबल) के द्वारा ही होता है। प्रारंभिक दौर में भी संचार इनके माध्यम से ही होता था। आज भी बहुत सी संचार प्रणालियों और कम्प्यूटर जैसे उपकरणों में केबल का प्रयोग किया जाता है। छोटे पैमाने पर केबल का प्रयोग बहुत पहले से होता आया है पर बड़े पैमाने पर तारों का प्रयोग पहले-पहल एफ बी. मोर्स ने किया था।
1844 में उन्होंने वाशिंगटन और बाल्टीमोर के बीच तारों की लाइन बिछाई और इस पर टेलीग्राफ संदेश आने-जाने लगे। ये तार लकड़ी के लटुओं पर लगाए गये थे। 1861 में कैलीफोर्निया और अमरीका के पूर्वी समुद्री तट के बीच केबल स्थापित किया गया। जब मनुष्य ने एक महाद्वीप के अन्दर बातचीत की आवश्यकता महसूस की तो उसने समुद्र के बीच केबल बिछाना प्रारम्भ कर दिया।
1966 में ऐसी सागर-पार केबल बिछाई गयी जिसे अंजाम देने वालों में प्रमुख थे अंग्रेज भौतिक शास्त्री जेम्स थॉमसन, जिन्हें बाद में लार्ड केल्विन के नाम से भी जाना गया। ऐसी ही एक केबल लंदन से शिमला तक बिछाई गयी। 1870 में बिछाई गयी इस केबल ने लंदन और भारत को संचार की दृष्टि से जोड़ दिया। पहले संचार के लिए मोटी-मोटी केबलों की आवश्यकता पड़ती थी। ज्यों-ज्यों संचार माध्यमों की उपलब्धता बढ़ी केबलों का आकार भी बढ़ा। अब महसूस किया गया कि केबल ऐसी हो जो पतले हो और उन पर अनेक संदेश एक साथ आज-जा सकें। इसी क्रम में फाइबर आप्टिक्स केबल तैयार हुए। फाइबर ऑप्टिक्स की पहली केबल 1983 में न्यूयार्क तथा वाशिंगटन के बीच बिछाई गयी।