हम सांस क्यों लेते हैं?
हम सांस क्यों लेते हैं?
सभी प्राणी जीवित रहने के लिए सांस लेते हैं। अलग-अलग जीवधारियों में सांस लेने का तरीका अलग-अलग होता है। कुछ प्राणी नाक से, तो कुछ त्वचा से सांस लेते हैं। मनुष्य नाक द्वारा सांस लेता है। सांस द्वारा ली गई आक्सीजन रक्त द्वारा सारे शरीर में पहुंचती है। इसी आक्सीजन के द्वारा भोजन के पदार्थ आक्सीकृत होते हैं।
आक्सीकरण की क्रिया के फलस्वरूप कार्बन डाईआक्साइड, पानी और दूसरे पदार्थ पैदा होते हैं।
सांस निकालते समय यही कार्बन डाईआक्साइड और जलवाष्प बाहर निकलती है। आक्सीकरण की
क्रिया द्वारा ऊष्मा और ऊर्जा पैदा होती है। इसी ऊर्जा के द्वारा हम काम करते हैं। ऊष्मा-ऊर्जा के
कारण हमारे शरीर का तापमान स्थिर रहता आक्सीकरण में पैदा होने वाली ऊर्जा से ही सारे दिन मांसपेशियां काम करती रहती हैं। जब हम व्यायाम या कोई और कठिन काम करते हैं, तो हमें अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अधिक ऊर्जा पैदा करने के लिए हमें अधिक आक्सीजन
की ज़रूरत पड़ती है। यही कारण है कि व्यायाम या परिश्रम करने वाले व्यक्ति काम करते समय
अधिक आक्सीजन प्राप्त करने के लिए तेजी से सांस लेते हैं। सांस लेने की क्रिया मस्तिष्क में स्थित श्वास-प्रश्वास केंद्रों से नियंत्रित होती है।