एयरकंडीशनर वैक्सीन का आविष्कार एवं खोज किसने किया ?
एयरकंडीशनर
बात उन दिनों की है जब अमेरिका में लोग गर्मी से बेहद परेशान थे। कुछ ने गर्मी भगाने के लिए रेफ्रिजरेटर की हवा का उपयोग किया कुछ ने बर्फ और कुछ ने पंखों का इस्तेमाल किया, लेकिन फिर भी नमी की समस्या ज्यों की त्यों बरकरार थी।
गर्मी के उमस भरे महीनों में पूरी मशीनरी जाम हो जाती थी, कपड़ों में खिचाव आ जाता था और उन पर पेंट ठीक से नहीं हो पाता था। ऐसी ही कुछ समस्याएँ दूसरे उद्योगों के साथ भी आ रही थीं। ऐसे में 1901 में बुक्रलीन में सेकेट विलहेम्स लिथोग्राफिंग एण्ड पब्लिशिंग कंपनी ने विलिस हंविलैंड कैरियर नाम के एक इंजीनियर को इस समस्या का समाधान खोजने के लिए नियुक्त किया। हंपिलैंड कैरियर ने समस्या का अध्ययन किया और यह निश्चित किया कि हवा को संतृप्त तथा तापमान को नियंत्रित करके वायु में आर्द्रता के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। कैरियर ने इसके लिए एयरकंडीशनर का निर्माण किया और 1906 में इसका पेटेंट प्राप्त कर लिया। अगले 20 वर्षों में उद्योग जगत में इसका उपयोग हुआ। पहला सार्वजनिक भवन जहाँ एसी का उपयोग गर्मी से राहत पाने के लिए हुआ वह मिशिगन में डेट्रोइट में हडसन का एक डिपार्टमेंट स्टोर (1924) था। ग्राहक यहाँ सुकून पाने के लिए आते थे, लेकिन एयरकंडीशनर को अच्छी लोकप्रियता तब हासिल हुई जब इसे न्यूयार्क शहर के रिवोली मूवी थियेटर के अन्दर लगाया गया।
उस वक्त गर्मी के दौरान ज्यादातर सिनेमा हॉल गर्मी के कारण नुकसान में रहते थे, लेकिन इस थियेटर में एयरकंडीशनर के लगे होने के कारण यहाँ हमेशा लोगों की अच्छी चहल-पहल रहती थी।