कॉटन केंडी का इतिहास ?

 कॉटन केंडी का इतिहास ?

कॉटन केंडी

रूई के गोले की जैसी नजर आने वाली कॉटन कैडी दरअसल काती हुई चीनी का खूबसूरत रूप होती है जिसे चीनी और रंगों की मदद से तैयार किया जाता है। इसे बनाने का श्रेय विलियम मौरीसन
और जॉन सी. वार्टन को जाता है। विलियम और जॉन ने मिलकर कैंडी बनाने का उपकरण तैयार किया था।
जैसे ही बॉउल चारों ओर घूमता था उसके छेदों में से चीनी फोहों के रूप में बाहर निकलती थी। इन फोहा के ढेर से कॉटन कैडी तैयार की जाती थी जिसे मुँह में रखते ही वह पिघल जाती थी। इस मीठी कैंडी को फेयरी फ्लॉस नाम दिया गया। विलियम और जॉन ने इसे सेंट लुईस वर्ल्ड फेयर में पहली बार प्रस्तुत किया। मेले में आने वाले लोगों ने जब कैंडी का स्वाद चखा तो यह उनके लिए एक नया अनुभव था, यह खाने में बेहद स्वादिष्ट थी और मुँह में रखते ही घुल गयी। उस मेले में 68,655 डिब्बे कैंडी के बिके। धीरे- धीरे यह अन्य देशों में भी लोकप्रिय हो गयी।
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