क्लोरीन का आविष्कार एवं खोज किसने किया ?
क्लोरीन का आविष्कार एवं खोज किसने किया ?
क्लोरीन
कार्ल विल्हेल्म शीले नामक स्वीडन के एक वैज्ञानिक ने 1774 में कुछ रासायनिक पदार्थों को मिलाकर गर्म किया। मिश्रण में से एक हरापन लिए पीली गैस निकली। इसकी गंध से दम घुटता था। शीले ने समझा कि उसने एक ऐसी नई गैस तैयार की है जिसमें ऑक्सीजन है। वर्षों बाद एक दूसरे वैज्ञानिक ने यह प्रमाणित कर दिया कि शीले ने क्लोरीन का आविष्कार किया था।
क्लोरीन उन सरल पदार्थों में से है जो मूलतत्त्व कहलाते हैं। प्रकृति में यह अकेली नहीं मिलती। यह सदा यौगिकों में मिलती है। नमक क्लोरीन और सोडियम का एक यौगिक है। क्लोरीन गैस है पर उसे द्रव बनाया जा सकता है। क्लोरीन द्रव बड़ी मात्रा में बिकती है। क्लोरीन विषैली गैस है। प्रथम विश्वयुद्ध में यह जहरीली गैस की भाँति इस्तेमाल की गयी थी। यह जीवाणुओं के लिए भी विषैली है। तैरने के हौजों में जीवाणुओं को मारने के लिए थोड़ी मात्रा में क्लोरीन मिलाई जाती है। बहुत-से बड़े नगर भी अपने पीने के पानी का शोधन क्लोरीन से करते हैं।
ब्लीचिंग घोलों में भी क्लोरीन इस्तेमाल की जाती है। ये घोल कपड़ों को सफेद रखते हैं। कार्बन टेट्राक्लोराइड और क्लोरोफार्म के नामों से यह सरलता से पता लग जाता है कि उनमें क्लोरीन है। कार्बन टेट्राक्लोराइड आग बुझाने के काम में लाई जाती है। यह धोने के काम में भी आती है।क्लोरोफार्म का इस्तेमाल ऑपरेशन से पहले रोगी को बेहोश करने के लिए किया जाता है।